Allu Arjun की याचिका पर आज कोर्ट में अहम सुनवाई
दिल्ली। तेलुगु सुपरस्टार अल्लू अर्जुन ने अपनी अनुमति के बिना इंटरनेट और सोशल मीडिया पर अपनी छवि, नाम, आवाज और वीडियो का दुरुपयोग रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत शुक्रवार को न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई करेगी। अल्लू अर्जुन ने अपनी याचिका में कहा कि बिना उनकी सहमति के व्यावसायिक लाभ के लिए उनके व्यक्तित्व अधिकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कोर्ट से अपने नाम, छवि, आवाज और किसी भी प्रकार की वीडियो सामग्री के अनधिकृत उपयोग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
कोविड में रद्द हुई शादी की बुकिंग, तीन साल बाद मिली रकम
बैंक्वेट हॉल की बुकिंग रद्द करने के बाद पैसे वापस न होना एक परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन गया। रोहिणी के रहने वाले अनिल गोयल को करीब तीन साल की कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें राहत मिली। उत्तर-पश्चिम के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 17 मार्च को फैसला सुनाते हुए बैंक्वेट हॉल संचालक को सेवा में कमी का दोषी माना। आयोग ने आदेश दिया कि शिकायतकर्ता को 54,940 रुपये की जमा राशि 6 फीसदी ब्याज के साथ लौटाई जाए। साथ ही मानसिक परेशानी और मुकदमे के खर्च के लिए 10,000 रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश भी दिए गए। मामला कोविड के दौरान का है।
अनिल गोयल ने 26 अप्रैल 2021 को अपने बेटे की शादी के लिए एक बैंक्वेट हॉल बुक किया था और 75,000 रुपये जमा किए थे। उस समय 200 मेहमानों के हिसाब से पैकेज तय हुआ था। साथ ही यह भी तय हुआ था कि अगर कोविड के कारण पाबंदियां लगती हैं, तो मेहमानों की संख्या घटाकर 100 कर दी जाएगी और शुल्क भी कम कर दिया जाएगा। लेकिन, अप्रैल 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान सख्त प्रतिबंध लागू हो गए। शिकायतकर्ता ने समय रहते मेहमानों की संख्या घटाने की मांग की, लेकिन आरोप है कि हॉल संचालक 200 मेहमानों की शर्त पर ही अड़ा रहा। शिकायतकर्ता ने मई 2021 में कानूनी नोटिस भेजा। इसका जवाब नहीं आने पर मामला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा।
प्रियदर्शिनी मट्टू केस में हाईकोर्ट सख्त
दिल्ली हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को 1996 के चर्चित प्रियदर्शिनी मट्टू बलात्कार व हत्या मामले में आजीवन कारावास काट रहे संतोष कुमार सिंह को समय से पहले रिहाई की याचिका पर निष्पक्ष फैसले का आश्वासन दिया। न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी ने टिप्पणी की कि सजा समीक्षा बोर्ड जन भावना के आधार पर फैसला ले रहा है, न कि कानूनी मापदंडों पर। न्यायमूर्ति भंभानी ने मौखिक रूप से कहा, बोर्ड जनभावना पर चल रहा है। आप बेहद अलोकप्रिय व्यक्ति हैं। बोर्ड लेडी जस्टिस की तरह आंखों पर पट्टी बांधकर फैसला कर रहा है।
उन्होंने माना कि अपराध जघन्य था और मृतका के परिवार को स्थायी क्षति हुई, लेकिन बोर्ड को केवल लोकप्रियता के आधार पर याचिकाएं खारिज नहीं करनी चाहिए। कोर्ट ने सिंह की याचिका को 20 अप्रैल को अन्य समान मामलों के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहित माथुर ने कहा कि सिंह 31 वर्ष से जेल में हैं। पिछले साल हाईकोर्ट ने बोर्ड के फैसले को रद्द कर मामले को दोबारा विचार के लिए भेजा था, फिर भी बोर्ड ने वही आधार देकर याचिका खारिज कर दी। सिंह के वकील ने बताया कि वह कई साल से ओपन जेल में हैं, दिन में कोर्ट में वकालत करते हैं और समाज के लिए खतरा नहीं हैं। बता दें 23 जनवरी 1996 को 25 वर्षीय प्रियदर्शिनी मट्टू की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। दिल्ली यूनिवर्सिटी के लॉ छात्र संतोष सिंह को 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बोर्ड ने नवंबर 2025 में उनकी रिहाई याचिका खारिज की थी।
जिला अदालतों की कोआर्डिनेशन कमेटी का गठन
राजधानी की जिला अदालतों में समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम पहल के तहत सभी जिला अदालतों की कोआर्डिनेशन कमेटी के नए पदाधिकारियों का चुनाव किया गया । मंगलवार को तीस हजारी कोर्ट स्थित डीबीए कार्यालय में हुए चुनाव में अधिवक्ता डीके शर्मा को चेयरमैन और अधिवक्ता विजय बिश्नोई को सेक्रेटरी जनरल चुना गया। इसके अलावा अधिवक्ता अमित काइन, सुनीता बंसल और अमित तंवर को वाइस चेयरमैन चुना गया।
व्हाट्सएप निवेश घोटाले के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
कड़कड़डूमा कोर्ट ने व्हाट्सएप के जरिए निवेश का झांसा देकर बड़े साइबर फ्रॉड का आरोप लगे व्यक्ति सुमित की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि आरोपी की हिरासत में पूछताछ जरूरी है ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो सके। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरविंदर सिंह ने आदेश में कहा, आरोपी को अग्रिम जमानत देने से मामले की आगे की जांच पर रोक लग जाएगी। आरोपी की भूमिका का पता लगाने और पूरी साजिश उजागर करने का दरवाजा बंद हो जाएगा। मामले में शिकायतकर्ता को निवेश के नाम पर बड़ी रकम का झांसा दिया गया था। पुलिस ने इसे “गंभीर साइबर फ्रॉड” करार दिया है।

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